मशरूम की खेती से मनोरमा ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाये कदम

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मनोरमा सिंह

मोनू कुमार

पटना, 25 अप्रैल: महिलाएं अगर ठान लें तो न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर हो सकती हैं बल्कि पूरे समाज को रास्ता दिखा सकती हैं। बिहार में गंगा नदी के किनारे बसे वैशाली जिले से आने वाली मनोरमा सिंह इसे चरितार्थ करती नजर आ रही हैं। मशरूम की खेती के जरिए वो अपना व्यवसाय तो कर ही रही हैं, साथ ही अन्य किसानों को भी इसका प्रशिक्षण दे रही हैं।

ऐसे हुई शुरुआत

मनोरमा ने पहली बार पटना के एक होटल में मशरूम चखा था। इसका स्वाद उन्हें इतना बढ़िया लगा कि उन्होंने मशरूम की खेती करने का निश्चय किया। पहली बार उन्होंने अपने घर के पास एक झोपड़ी में मशरूम उगाया। शुरुआत में उन्होंने जो मशरूम उगाए उनमें से अधिकतर खराब हो गए थे। उन दिनों डॉ राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कृषि वैज्ञानिक उनके गांव के भ्रमण पर थें। मनोरमा ने उनसे मदद ली और पुन: मशरूम लगाए। बाद में उन्होंने स्वयं विश्वविद्यालय जाकर मशरूम उगाने का प्रशिक्षण लिया।

शुरुआत में झेलनी पड़ी थी परेशानियां

मनोरमा ने जब अपने गांव में मशरूम उगाना शुरू किया, तब उनके और आस-पास के गांवों के लोगों को मशरूम के बारे में पता नहीं था। उन्होंने मशरूम के अलग-अलग प्रकार के व्यंजन बनाकर गांव-गांव जाकर इसके फायदों के बारे में बताना शुरू किया। और फिर धीरे-धीरे इसकी मांग बढ़ने लगी। अब उनके व्यापर का सालाना टर्नओवर 1 करोड़ रुपए पहुंच चुका है।

महिलाओं को दिया रोजगार

मनोरमा सिंह पिछले 10 वर्षों से मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने 50 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया है। वो खुद तो आगे बढ़ ही रही हैं, साथ ही अन्य किसानों को प्रशिक्षित कर रही हैं। वे अभी तक 3,000 से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। मनोरमा अपने इस कार्य से पूरे जिले में प्रसिद्द हो गई हैं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए साल 2019 के लोक सभा चुनाव के दौरान जिला प्रशासन ने उन्हें वैशाली जिले का अम्बैसडर बनाया था।

पूरे साल उगा रही हैं मशरूम

मशरूम की खेती के लिए मनोरमा को वर्ष 2015 में सरकार की ओर से “राष्ट्रीय बागवानी मिशन” के तहत 15 लाख रुपए की राशि मिली थी। इस राशि से उन्होंने 8 कमरें और एक लैब बनाया। इन कमरों में एयर कंडीशनर भी लगा हुआ है जिससे पूरे साल मशरूम की खेती करने में मदद मिल रही है।

मशरूम के फायदे

मशरूम में शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स, पोटैशियम, एंटी आक्सिडेंट, और फाइबर होते हैं। यह हमारे शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाता है कॉलेसट्रॉल कम करने में मदद करता है। मशरूम अल्जाईमर, मधुमेह, कैंसर और ह्रदय रोग जैसी बीमारियों में भी उपयोगी होता है।

 

तस्वीरें मनोरमा सिंह के फेसबुक अकाउंट से ली गई है 

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