भारतीय संस्कृति में शिक्षकों का सम्मान करने की शानदार परंपरा रही है: प्रो सिन्हा

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पटना, 15 अक्टूबर: 22 अक्टूबर को प्रस्तावित पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के मद्देनजर सभी उम्मीदवार अपने-अपने तरीके मतदाताओं को लुभाने में जुटे गए हैं. भाजपा समर्थित उम्मीदवार नवल किशोर यादव का हाई स्कूल, फतुहा में अपने चुनाव प्रचार के दौरान यह कहना कि “मैं वोट के लिए तलवा नहीं सहला सकता” भारी पड़ गया. उनके इस कथन को लेकर शिक्षकों विशेषकर नियोजित शिक्षकों के बीच रोष है.

नवल किशोर यादव के इस बयान पर उनके प्रतिद्वंदी और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के उम्मीदवार प्रोफेसर (डॉ) अवधेश कुमार सिन्हा ने हमला बोला. प्रोफेसर सिन्हा ने कहा कि भारतीय संस्कृति की शानदार परंपरा रही है शिक्षकों का सम्मान करने की। समाज के सभी वर्ग और समुदाय इस परंपरा में शामिल रहे हैं चाहे वह निरक्षर ही क्यों न हो।

आगे उन्होंने कहा कि यह दुखद आश्चर्य है कि स्वंय शिक्षक और 24 वर्षों से लगातार शिक्षक प्रतिनिधि रहे, इतने अहंकार और उन्माद से ग्रसित हैं जो शिक्षकों के सम्मान की बात तो दूर सार्वजनिक मंच से उन्हें तिरस्कृत और अपमानित करने का कार्य किया है। ऐसे व्यक्ति को शिक्षक प्रतिनिधि बनने का कोई अधिकार नहीं है.

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