गरीब बच्चों को मुफ़्त में पढ़ा रहे हैं प्रोफेसर कौशल किशोर

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मोनू कुमार, पटना: कोरोनावायरस महामारी के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन से बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. स्कूल और ट्यूशन बंद हैं और बच्चों की पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही हैं. ऐसे में ऑनलाइन क्लासेज ही एक मात्र जरिया है जिससे बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के चल सकती हैं. स्ट्रांग फाउंडेशन अकादमी इस लॉकडाउन में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा उनका जीवन संवार रहा है.

शुरुआत

स्ट्रांग फाउंडेशन अकादमी की स्थापना दो वर्ष पहले हुई थी. इसके संस्थापक प्रोफेसर कौशल किशोर है. प्रोफेसर किशोर वर्तमान में बीआईटी पटना के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है.

रोज़ ज़ूम और यू ट्यूब पर होती है पढ़ाई

प्रतिदिन ज़ूम एप्प और यू ट्यूब चैनल के माध्यम से छात्र पढ़ाई करते हैं. ये छात्र 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के होते हैं. 9वीं और 10वीं के छात्र गणित और विज्ञानं की शिक्षा ग्रहण करते है तो वहीँ 11वीं और 12वीं के छात्रों को भौतिकी पढ़ाया जाता है. इन छात्रों को इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम जेईई मेंस और मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट नीट की भी तैयारी कराई जाती है. ये ऑनलाइन क्लासेज रोज़ डेढ़ घंटे चलते है. अभी 134 छात्र-छात्राएं इससे फ़ायदा उठा रहे हैं. इसमें अलग-अलग राज्यों से बच्चे हैं, अधिकतर बच्चे बिहार के हैं.

सुपर 10

प्रोफेसर किशोर ने इस वर्ष सुपर 10 की शुरुआत की है. इस सुपर 10 में छात्र-छात्राओं  को मेट्रिक बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जाती है. इसमें पढ़ने के लिए किसी प्रकार के फ़ीस की बाध्यता नहीं है. फ़ीस सिर्फ उन्हीं बच्चों से ली जाती हैं जिनके माता-पिता फ़ीस देने में सक्षम है. जिन बच्चों के माता-पिता फ़ीस देने में सक्षम नहीं हैं, उन बच्चों को मुफ्त में पढ़ाया जाता हैं. ये बच्चे सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के होते हैं. प्रोफेसर किशोर ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि सुपर 10 के सभी बच्चे 95 फीसदी से ज्यादा अंक लाए.

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