मृतक को न्याय दिलाने को विधवा चार दिन से अनशन पर – प्रवीण सिंह कुशवाहा

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उच्च न्यायलय के आदेश के बाद भी नहीं हो रही अभियुक्तों की गिरफ़्तारी

पटना 11 जुलाई 2020
गोपालगंज के भोरे हत्याकांड से अबतक एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इस हत्याकांड की प्राथमिकी भोरे, गोपालगंज पुलिस स्टेशन (केस संख्या – 205/19 दिनांक 13/06/19) में मृतक स्व. रामाश्रय सिंह के बड़े भाई श्री हरिनारायण सिंह द्वारा अपने छोटे भाई की हत्या के खिलाफ दर्ज करवाई गयी थी। अखिल भारतीय कुशवाहा महासंघ, बिहार प्रदेश की ओर से बोलते हुए श्री प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में 2017 से अबतक कई कुशवाहा समाज के लोगों की हत्याएं हुई हैं। कानून व्यवस्था की ऐसी बिगड़ी स्थिति में भी सरकार सुशासन के झूठे दावे करने से बाज नहीं आ रही।

प्रवीण सिंह कुशवाहा ने बताया कि जब नामजद अभियुक्तों की साल भर बीत जाने के बाद भी गिरफ़्तारी नहीं हुई है जिससे जनता में रोष व्याप्त है। नामजद अभियुक्तों की गिरफ़्तारी की मांग के साथ मृतक स्व. रामाश्रय सिंह की पत्नी सुनीता देवी विगत चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठी हैं। उन्होंने अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा, बिहार के साथ-साथ स्थानीय जनता में चार दिनों के अनशन से श्रीमती सुनीता देवी की बिगड़ती तबियत के बारे में व्याप्त चिंता की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन इतने पर भी नहीं चेता, तो आखिर जनता में क्या सन्देश जाएगा?

उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में स्थानीय प्रशासन के रवैये से असंतोष के कारण ही श्री हरिनारायण सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायलय, पटना में क्रिमिनल रिट याचिका (संख्या – 1823/2019) दाखिल की गयी थी। माननीय उच्च न्यायलय ने 4 फ़रवरी 2020 को इस सम्बन्ध में न्यायादेश भी पारित किया। इस आदेश के मुताबिक आरक्षी अधीक्षक, गोपालगंज को नामजद अभियुक्तों की गिरफ़्तारी कर कानूनी करवाई करनी थी। कई महीने बीत जाने पर भी इस उच्च न्यायलय के आदेश की भी अवहेलना हो रही है।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि मुट्ठी भर लोग आखिर प्रशासन और न्यायलय से ऊपर कैसे हो गए हैं जो पुलिस न्यायलय के आदेश के बाद भी गिरफ़्तारी नहीं कर पा रही है, ये जनता और सरकार दोनों के लिए एक बड़ा सवाल है।

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