आई.जी.आई.एम.एस. को कोविड अस्पताल घोषित करे सरकार – डॉ अरुण कुमार, पूर्व निदेशक, आई.जी.आई.एम.एस

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Dr. Arun Kumar, Director, MediPark Hospital

पटना 31 जुलाई: बिहार में और खास कर पटना में जिस तरह से कोविड के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं ऐसे में यह आवश्यक है कि सरकार, इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आई.जी.आई.एम.एस) को भी कोविड अस्पताल घोषित करे। आई.जी.आई.एम.एस के पूर्व निर्देशक डॉ अरुण कुमार ने कहा कि आई.जी.आई.एम.एस के पास कोविड के इलाज के लिए उपयुक्त स्वाथ्य सुविधाएं एवं प्रशिक्षित चिकित्सक एवं पारा मेडिकल स्टाफ हैं. इसके अतिरिक्त अत्याधुनिक उपकरण भी सरकार ने क्रय कर इस अस्पताल को दिया। ऐसे में 100 से अधिक आई.सी.यू और वेंटिलेटर की सुविधा वाला आई.जी.आई.एम.एस एक बेहतर विकल्प है। इसलिए सरकार को उपलब्ध व्यवस्था पर जोर देना चाहिए। एम्स, पटना और नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल अपनी क्षमता के अनुसार सराहानीय काम कर रहे हैं लेकिन उनकी जितनी क्षमता है वह उतना ही भार सह सकते हैं।

सरकार के स्तर से और संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है। सरकार की वर्तमान व्यवस्था को अपर्याप्त मानते हुए डॉ अरुण कुमार ने कहा कि शुरू में लॉक डाउन का लक्ष्य था जरुरी आधारभूत संरचनाओं को तैयार करना और अपनी क्षमताओं को बढ़ाना लेकिन इसमें शिथिलता बरती गई। लॉकडाउन ख़त्म होते ही लोगों ने भी मान लिया की कोरोना चला गया। अत: जनता ने भी लापरवाही बरती। पटना में आज भी जरुरी मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटीलेटर, एवं मानक के अनुरूप पी.पी. ई किट की किल्लत है । सरकार को पहले से ही जरुरी दवा, ऑक्सीजन सिलेंडर इत्यादि का उपयुक्त भंडारण करना चाहिए था एवं इसकी सूचना आपूर्तिकर्ताओं को चिन्हित करते हुए सभी निजी अस्पतालों एवं जन-साधारण को देनी चाहिए थी।

वर्तमान स्थिति पर डॉ अरुण कुमार ने कहा कि आज चारों तरफ अफरा-तफरी हैं और लोग डरे हुए हैं ऐसे में सरकार को दूसरे राज्य की तरह मोबाइल वैन और अन्य संचार माध्यमों से लोगों को जानकारी देनी चाहिए ताकि सही सूचना सबों तक पहुचें। जनता इस कदर अंधेरे में है कि उन्हें पता ही नहीं है की वो कोविड इलाज के लिए कहां जाए। निजी अस्पतालों को कोविड इलाज की जिम्मेदारी पर वर्तमान में मेडिपार्क अस्पताल, पाटलिपुत्रा के मेडिकल डायरेक्टर, डॉ अरुण कुमार ने सुझाव दिया कि सरकार को निजी अस्पतालों से चर्चा कर उनके स्तर और उनकी चिकित्सकीय क्षमता को समझते हुए उन्हें वर्गीकृत करना चाहिए। ताकि उन्हें उनकी इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर काम सौपा जा सकें। सरकार को निजी स्वाथ्य के क्षेत्र में काम करने वाले निचले तबके के लोगों को भी बीमा की सुविधा देना चाहिए। विटामिन सी और आयुष मंत्रालय के द्वारा दी गयी निर्देश पर डॉ अरुण ने बताय की जरुरत से ज्यादा काढ़ा पीने से एसिडिटी हो सकती है वही 500 mg से ज़्यादा विटामिन सी हमारा शरीर नहीं पचा सकता है। लोगों को भी लापरवाही से बचना चाहिए क्योंकि उनके ऊपर समाज की जिम्मेदारी है। मेडिपार्क अस्पताल में कोविड के इलाज की शुरुआत कर दी गई है. वर्तमान में हमने 25 बेड उपलब्ध किये हैं। यहाँ हमने वेंटीलेटर, डायलीसिस के साथ ही सभी प्रकार के पैथोलोजी और रेडियोलोजी जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई है.

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