रेड लाईट एरिया से लिबरल आर्ट यूनिवर्सिटी तक का सफर

0
177

आनंद कुमार 

कहते हैं की आरक्षण का विरोध नहीं करना चाहिए . क्यों ? क्योंकि ये सामाजिक बराबरी लाने की बात करता है और फिर संविधान भी प्रत्यक्ष / परोक्ष रूप में इसे समर्थन देता है . ये बरसों से दबाये हुए लोगों को समाज में बराबरी का मौका देता है . इसके जवाब में मेरा कहना है की आप धूर्तता कर रहे हैं . वो भी सफ़ेद वाला झूठ बोलकर ! कैसे ? चलिए वो भी देख लेते हैं .

आपके हिसाब से समाज का सबसे दबा कुचला हिस्सा तो औरतें होती ही होंगी . चाहे किसी भी धर्म, किसी भी जाति की हों . और इन औरतों में सबसे ज्यादा शोषण किसका हुआ है ? उनका जो की दुनियाँ के सबसे पुराने पेशे में हैं . जी हाँ, वही लाल बत्ती के इलाके वाला, जो की दुनियाँ का सबसे पुराना पेशा माना जाता है हम उसी की बात कर रहे हैं . तो अब बताइए ज़नाब की आपने उनके लिए कितने प्रतिशत का कोटा निर्धारित किया है ?

क्या हो गया जनाब मुंह कहाँ छुपा रहे हैं ? कमाठीपुरा जैसे इलाकों का जिक्र लिखा पढ़ कर शर्म आ गई है या अपने झूठ से पर्दा उठता देख कर भागने की कोशिश कर रहे हैं ? बारह साल की उम्र में जब आपसे कोई रेट  पूछ ले तो कैसा महसूस होता होगा ! फ़िल्मी तवायफ की तरह आप रेखा जैसी ना दिखती हों तब ? लोग आपके रंग रूप का मजाक उड़ाने भी आ जायेंगे .

ऐसी ही जगह पली बढ़ी एक बच्ची ने हालात से समझौता करने के बदले कुछ बदलने की ठानी.  12 वीं तक म्युनिसिपल स्कूल में पढ़ने के बाद इस लड़की ने तय किया कि वो अंग्रेजी सीखेगी और अमरीका पढ़ने जाएगी.  उस उम्र के ज्यादातर बच्चों को ये भी नहीं पता होता की अमरीका देश है या महाद्वीप . एक समाज सेवी संस्थान ‘क्रांति’ में इस लड़की ने काम करना शुरू किया . पूरे भारत में अगले पूरे साल घूम घूम कर सेक्स एजुकेशन पर काम करती रही .इसे अब Brad College में पूरी स्कॉलरशिप मिल गई है . क्राउड फंडिंग का नाम शायद आपने सुना होगा . इसके रहने का खर्चा सैकड़ों लोगों के सहयोग से आएगा .

कमाठीपुरा नाम से जाने जाने वाले इलाके की ये लड़की आज धड़ल्ले से अंग्रेजी भी बोलती है . अपने इलाके के लोगों के लिए इसके पास स्वरोजगार की ढेर सी योजनायें भी है . वो अब Brad College में लिबरल आर्ट्स पढेगी .

जो बाकि बचे हुए लोग हैं उन्हें भी अपना दिमाग थोड़ा खोलना चाहिए . आपके पास प्रतिक्रिया का विकल्प हमेशा होता है . आपका अतीत, आपका परिवेश आपकी कमजोरी हो ये जरुरी नहीं होता . एक भारतीय होने के नाते हमें लोगों की तुलना कम करनी चाहिए, चीज़ें हमेशा आपको किसी थाल में सजा के नहीं परोसी जाएँगी . फिर भी जो नहीं मानते उन्हें दिखाने के लिए हमारे पास अपनी हीरोइन है और वो कहती है की “मेरा अतीत मेरी कमजोरी नहीं है, कोई जगह ये तय नहीं कर सकती की मैं कौन हूँ”

Leave a Reply