चिमकी बुखार से इलाज के लिए मुज़फ्फरपुर में 100 बेड का पिकू अस्पताल तैयार

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मोनू कुमार, पटना: बिहार के मुज़फ्फरपुर जिले में पिछले वर्ष गर्मी में 150 से अधिक बच्चों की मौत चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) के कारण हो गई थी। ऐसी स्थिति फिर से उत्पन्न न हो इसलिए राज्य सरकार ने शिशु गहन चिकित्सा यूनिट या पिकू (Paeditric Intesive Care Unit) के निर्माण की घोषणा की थी। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में यह यूनिट बनकर तैयार हो गया है। इसका उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया।

शिशु गहन चिकित्सा यूनिट

चमकी बुखार (एईएस) और जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) से पीड़ित रोगियों के लिए मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पिकू बनकर तैयार हो गया है। यह 100 बिस्तरों वाला देश का पहला शिशु गहन चिकित्सा यूनिट है. इसकी लागत 72 करोड़ रुपए है। इसका शिलान्यास पिछले वर्ष 25 सितंबर को हुआ था। इसके निर्माण में आठ महीनों का समय लगा। यह पीकू भवन चार तल का है, जिसके सबसे ऊपरी तल पर एक रिसर्च सेंटर है।

व्यवस्थाएं

इस यूनिट में कुल 102 बेड हैं, जिसमें गंभीर मरीजों के लिए 10 ट्राइएज बेड, 90 पीकू बेड एवं दो आइसोलेशन बेड शामिल हैं। इसमें आधुनिक तरीके से इलाज के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है। सभी बेड पर पाइपलाईन के माध्यम से आक्सीजन की व्यवस्था की गई है। इसमें 20 वेंटिलेटर, 102 कार्डियक मॉनिटर, 21 रेडियंट वार्मर, 90 सीरिंज पम्प, 51 नेवोलाईजर, 02 डिफिब्रीलेटर, 102 इन्फ्यूजन पम्प, 21 पोर्टेबल सक्शन, 51 पेडिएट्रिक्स लेरिंजोस्कोप, 08 प्रोसड्यूरोलाईट, 34 अम्बू बैग, 15 ब्रेस्ट पम्प, सीबीसी मशीन और आटोबायोकेमेस्ट्री एनालाईजर लगाया गया है।

रोगियों के परिजनों के लिए इंतज़ाम

इस यूनिट में रोगियों के परिजनों के लिए भी व्यवस्था की गई है इसमें 50 बेड का धर्मशाला है। यूनिट के सभी बेड पर कैमरा लगा हुआ है, जिसके माध्यम से मरीज के परिजन रोगियों को धर्मशाला से लाइव देख सकेंगे।

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