लॉकडाउन में महिलाओं को अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. देशभर में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले बढ़ गए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक आंकड़ा जारी किया है, जिसके मुताबिक केवल मार्च महीने में उसके हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन पोर्टल पर घरेलू हिंसा संबंधित 587 शिकायतें दर्ज की गई हैं.
महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखते हुए महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, सिने जगत के कलाकारों, स्वयंसेवी संस्थाओं ने आवाज उठाना भी शुरू कर दिया है. इस कड़ी में साथिया, पेज थ्री, रागिनी एमएमएस-2 जैसी हिन्दी फिल्मों में काम कर चुकी प्रसिद्ध अभिनेत्री संध्या मृदुल ने एक वीडियो जारी कर घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई है।
उनका कहना है, यदि आप घरेलू हिंसा को होते चुपचाप देख रहे हैं, तो आप उतने ही दोषी हैं, जितना कि एक हिंसा करनेवाला. इन सबसे सतर्क रहने की जरूरत है. अगर किसी के साथ ऐसा होता है तो वह घलेलू हिंसा के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मदद जरूर लें.
अभिनेत्री के मुताबिक, लॉकडाउन के पीछे का मुख्य उद्देश्य लोगों को घातक वायरस के संपर्क में आने से बचाना था. जबकि आंकड़ों से पता चला है कि महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार अधिक हो रही हैं.
मुंबई स्थित वातवरन फाउंडेशन, बेंगलुरु स्थित झटका.डॉट ओआरजी और बिहार स्थित सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीईईडी) ने कोरोना वायरस के बाद उत्पन्न हुई स्थिति से निपटने के लिए एक जन जागरुरता संबंधी वीडियो सीरीज शुरू किया है. ये नई वीडियो उसी कड़ी का हिस्सा है.
लॉकडाउन ने मुश्किल परिस्थितियों में फंसे लाखों महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा की है. इस दौरान वह वित्तीय अनिश्चितता, बुनियादी जानकारी तक उनकी पहुंच की कमी जैसी चीजों का सामना कर रही हैं.

कई मुद्दों पर अपनी ईमानदार राय के लिए जानी जाने वाली संध्या मृदुल का कहना है कि वीडियो न केवल एक कड़वी वास्तविकता पर प्रकाश डाल रहा है, बल्कि इस स्थिति से निपटने में हमारे अपने पाखंडी रवैये को भी उजागर कर रहा है.
संध्या कहती हैं, “यह लॉकडाउन लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया था, लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इसकी वजह से कई महिलाएं अपने घरों में सुरक्षित नहीं हैं. इस तरह के गंभीर मुद्दे को सिर्फ किसी और की समस्या या व्यक्तिगत मामला नहीं माना जा सकता है. हमें एक समुदाय के रूप में इस समस्या को अपनी समस्या समझने की आवश्यकता है. साथ ही जो गलत है, उसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए.”
वीडियो देखने की अपील करते हुए अभिनेत्री संध्या मृदुल कहती हैं, जो भी महिलाएं घरेलू हिंसा की प्रक्रिया से गुजर रही हैं या पीड़ित है, उन्हें घरेलू हिंसा के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 181/100 पर कॉल करना चाहिए. जिनके घर में, आसपास या समाज में ऐसी घटनाएं घट रही हैं, उन्हें व्हाट्सएप नंबर 7217735372 पर मैसेज कर अलर्ट करना चाहिए.
जहां एक ओर कई महिलाओं ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानियों को साझा करते हुए बताया है कि कैसे इस अवधि में घर पर होने के कारण लैंगिक उत्पीड़न झेला और इससे बचने के उपाय किए हैं. वहीं दूसरी तरफ जेंडर एक्सपर्ट और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ते मामलों पर अपनी चिंता जाहिर की है.
जागोरी संस्था के संस्थापकों में से एक और जेंडर एक्सपर्ट आभा भैया का कहना है कि लड़कियों और महिलाओं के लिए घरेलू हिंसा वैश्विक महामारी नहीं तो महामारी से कम भी नहीं है.
वो कहती हैं, ‘’लॉकडाउन का मतलब भौतिक दूरी के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करना है. हालांकि, कई महिलाओं के लिए घर कभी भी एक सुरक्षित स्थान था ही नहीं. इस कारण घरों के अंदर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बढ़ गई है.’’
उनके मुताबिक, राज्य को अपराध की गंभीरता को पहचानना चाहिए और पूरी गंभीरता के साथ काम करना चाहिए. जहां इस तरह कि घटनाएं हो रही हैं वहां से महिलाओं को निकालने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त उपाय और उसके लिए आधारभूत संरचना होना चाहिए.

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