एनडीए की सरकार दिखावा नहीं करती बल्कि कर के दिखाती है : डॉ प्रेम कुमार

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पटना, 24 जुलाई। बिहार सरकार में कृषि एवं पशुपालन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने बाढ़ पर विपक्ष द्वारा की जा रही राजनीति का हवाला देते हुए कहा कि यहाँ विपक्ष के नेता विचारहीन हो चुके हैं जो गरीबों की परिस्थिति का मज़ाक बना उसपर राजनीति करते हैं। सुनने में यह आया है कि कुछ दिनों से विपक्षी पार्टी के लोग बिहार भ्रमण पर निकले हैं, तथा आम जनता को यह दिखा रहे हैं की आपलोगों के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही, हालाँकि मैं इस बात से थोड़ा खुश हूँ की यह अपनी काल्पनिक दुनिया से बाहर तो निकले, पर अफ़सोस इस बात का है की अगर फोटोशूट के अलावा जनता से भी रूबरू होते तो सरकार के काम की असलियत पता चलती।
आरजेडी पर बरसते हुए डॉ कुमार ने कहा, “हमारी सरकार ने 2018-19 में बाढ़ से निपटने के लिए 1607.14 करोड़ रुपए दिए थे। इसके साथ ही बाढ़ से बचाव के लिए 7.3 लाख हेक्टेयर भूमि को तटबंध बनाकर सुरक्षित किया गया था। सिर्फ इतना ही नहीं विपक्ष कोरोना से सम्बंधित भ्रामक खबरों को फैलाने में भी आगे है, मैं उनको बताना चाहता हूँ कि बिहार में अबतक 4 लाख कोरोना टेस्ट हो चुके हैं, साथ ही बिहार में कोरोना के लक्षण वालों की अब ऑन डिमांड मुफ्त जांच होगी। अभी तक हमारी सरकार ने कोरोना की लड़ाई में 8.5 हज़ार करोड़ से अधिक राशि खर्च की है। इसके साथ ही 63 अनुमंडल अस्पतालों में कोविड हेल्थ केयर सेंटर भी बन रहे हैं जिसमे 4500 बेड की सुविधा होगी।”
कृषि मंत्री ने कहा कि पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं गोपालगंज चार ऐसे ज़िले से जो बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं। इन प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित आमजनो के साथ साथ सरकार द्वारा बेजुबान पशुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। इन क्षेत्रों में 154 पशु शिविरों की व्यवस्था की गयी है जहां आवश्यकतानुसार पशुओं के रहने एवं खाने के साथ साथ इलाज की भी पूरी व्यवस्था की गई है। अभी तक 3000 से अधिक पशु शिविर में पहुंचाए जा चुके हैं, साथ ही 33,282 पशुओं को अन्य स्थानों पर विभागीय देखरेख में रखा गया है। सभी को चारा, दवा व अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पशुचारा, दवा, एम्बुलेंस तथा पशु चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
डॉ कुमार ने कहा, “यथासंभव हम पशुओं को मदद पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए है। पशुओं के लिए आज तक सूखा चारा के रूप में 50 क्विंटल भूसा वितरण हुआ है। मैं बता दूँ कि बाढ़ राहत कार्यो में विशेष रूप से 19 पशु चिकित्सक एवम 39 सहायक कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। 657 पशुओं में से 434 का इलाज शिविर में जारी है जबकि 223 का शिविर से बाहर इलाज चल रहा है”।
बाढ़ से फसलों के नुकसान पर भी सरकार पूरी तरह से सतर्क एवम संवेदनशील है। किसानों की भी हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

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